वर्डप्रेस कानपुर ! 100+ माइंडस !10 स्पीकर्स !1 मोटिव – मेक वर्डप्रेस बेटर

वर्डप्रेस कानपुर ! 100+ माइंडस !10 स्पीकर्स !1 मोटिव – मेक वर्डप्रेस बेटर

https://2017.kanpur.wordcamp.org

जय वर्डप्रेस !

संडे की सुबह कौन बिस्तर छोड़ना चाहेगा ,लेकिन काप्पू भाई का बुलावा आया था तो जाना तो पड़ेगा!

कानपुर शहर की वो सामान्य सुबह थी लेकिन रंगोली गेस्ट हाउस के अंदर का माहौल अलग था !उत्तर प्रदेश का पहला वर्ड कैंप |

उत्साह की लहर थी और उत्सव था वर्डप्रेस यूज़र्स का – वर्डकेम्प- महाकुम्भ वेब डेवेलपर्स , वेब डिजाइनर ,सपोर्ट ,होस्टिंग प्रोवाइडर,डोमेन प्रोवाइडर्स,थीम ,प्लग्गिन प्रोवाइडर्स और उत्साही लर्नर्स का .

अपने गले में पहचान पत्र और बैग में मुफ्त में मिलने वाले पेन, बैच,स्टीकर, टी-शर्ट और डिस्काउंट कूपन्स डालने क बाद कदम बढ़ चले नास्ते कीओर सैंडविच ,बिस्कुट और चाय के  साथ शुरू हुवा चाय पे चर्चा का दौर | कुछ लोगों से जान पहचान के बाद सिटींग स्पेस में अपना स्थान ग्रहण किया |

रोहित मोटवानी (https://twitter.com/rohittm ) ने सब का स्वागत किया और स्पोंसर्स के  नाम याद कराया जाने लगे, करना भी चाहिए इवेंट को साकार करने में उनका योगदान जो है |

पहले स्पीकर आये हरी शंकर आर. (https://twitter.com/harishanker ) जिन्होंने बताया की कैसे बॉस की तरह वर्डप्रेस के साथ ब्लॉग्गिंग कर सकते हैं |

क्यों हमें फेसबुक की जगह अपने ब्लॉग पर लिखना चाहिए ?……….. क्यूंकि  फेसबुक में लिखा हुआ कंटेंट फेसबुक की प्रॉपर्टी हो जाती है | ब्लॉग्गिंग का महत्त्व बताते हुवे उन्होंने बताया कैसे हम अपने बिज़नेस को और अपनी कमाई को बढ़ा सकते हैं |

हरी की सबसे अच्छे बात लगी उनका पद -हैप्पीनेस इंजीनियर -एक खुश मिजाज़ व्यक्ति जो https://automattic.com/ में काम करते हैं | मैंने उनसे https://woocommerce.com/ और https://jetpack.com/    के बारे में जानकारी ली |

दूसरी स्पीकर थी  https://wbcomdesigns.com/   से अंजलि रस्तोगी(https://twitter.com/angelrastogi ) | यह उनका वर्डकेम्प में पहला मौका था बोलने का लेकिन क्या धाकड़ बोला अंजलि ने | ब्लॉग्गिंग कैसे करनी चाहिए और सिर्फ लिख कर छोड़ देना हल नहीं है उसकी मार्केटिंग कैसे करना चाहिए ये भी उन्होंने बखूभी समझाया | अंजलि ने अपना “काम बोलता है ” कैंपेन का एक्सपीरयंस शेयर किया | डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े प्रश्नो के उत्तर भी दिए | बाद में हमारी और अंजलि की राजनीतिज्ञों की डिजिटल मार्केटिंग कैसे होती है इस पर चर्चा हुई |

Anjali rastogi  gaurav srivastava

ज्ञान की गंगा में हम भी डुबकी लगा रहे थे की घोसणा हुई गरमा गरम चाय और नाश्ता तैयार है |

न शरीर में थकन थी न पेट में जगह पर कार्यक्रम की विवशता थी तो निचे उतरे और सजी हुई मेज़ों पर जाकर जानकारियों के घूंट लेने लगे.

https://www.milesweb.com/ से रीसेलर होस्टिंग के बारे में जाना | पता चला की वो होस्टिंग के साथ डोमेन फ्री में देते हैं |

कदम बढ़ चले फिर कुर्सियों की ओर और कानों में आहट हुई अगले स्पीकर के न्योते की

तीसरे स्पीकर थे वरुण दुबे (https://twitter.com/vapvarun )

https://buddypress.org/  का उपयोग करते हुवे कैसे हम कम्युनिटी की साइट्स बना सकते है यह बताया |

उन्होंने कई अंतर्राष्टीय कम्युनिटी जैसे रेसिपी की ,हॉस्पिटल की ,कॉलेज की और बहुत सी कम्युनिटी वेबसाइट  के उदाहरण भी दिए |

वरुण https://www.buddyboss.com/  का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और उनकी टीशर्ट में लिखा था “लाइक अ बॉस ”

बाद में मेरी और वरुण की buddypress की थीम्स कैसे अन्य थीम्स से बेहतर हैं इन पर चर्चा हुई|

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घडी में १२ बज गए थे पर हमारे नहीं

अगले स्पीकर आये नागपुर के अभिषेक देशपांडे(https://twitter.com/fitehal ) -“नए पैकेट में बेचें तुमको चीज़ पुरानी” कॉपी पेस्ट से बचने की सलाह के  साथ ही अभिषेक ने बताया की क्यों हमे पुराना कंटेंट नयी वेबसाइट पर नहीं डालना चाहिए| उन्होंने बताया की कैसे हम अपने कंटेंट को वेबसाइट में वर्डप्रेस की मदद से सुव्यवस्थित कर सकते हैं |

बाद में मेरी और अभिषेक की मध्याहर के समय चर्चा हुई की कैसे हम वेबसाइट क्लाइंट्स से बराबर बात कर  उनकी वेबसाइट का कंटेंट समय के  साथ अपडेट कर के फायदा पहुंचा सकते हैं |

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लिस्ट में अगले स्पीकर थे राहुल बंसल (https://twitter.com/rahul286 ), https://rtcamp.com/ से – उनका विषय था डेवलपर के अलावा वर्डप्रेस में करियर | विषय इतना रोचक था तो कान खड़े होना स्वाभाविक था | राहुल ने बताया कैसे हमारे मन में टेस्टर की जॉब क लिए हीन भावना है जो की गलत है टेस्टर का भी अपना अलग महत्व होता है | वर्डप्रेस सिर्फ कोडिंग ही नहीं है और भी बहुत से रस्ते है यहाँ जीविकोपार्जन के जैसे ब्लॉगर,कंटेंट राइटर,सपोर्ट और मैनजमेंट |

बाद में राहुल से हमने जाना की कैसे एक नॉन टेक्निकल व्यक्ति भी एक सफल करियर बना सकता है |

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आधा दिन कैसे गुजर गया पता ही नहीं चला | लंच रेडी था और हम भी |

संकोच छोड़ कर पहले प्लेट उठाई और लग गए पेट पूजा में | अभी स्वाद ले ही रहे थे की देखा शुरुवात करने की देर थी अब तो लाइन लग गयी | हम खुश थे की पहले ही निपट लिए |

समय का सदुपयोग करते हुवे लोगों से जान पहचान बढ़ाई , सेल्फी का जमाना है तो कैसे चूकते कुछ यादें हमने भी कैमरा में कैद कर ली |

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https://www.tychesoftwares.com/ से कार्तिक थे उनसे बात हुई | बता दूँ की उन्होंने एक लकी ड्रा प्रतियोगिता आयोजित की थी जिसमे वो कानपुर वर्ड कैंप का टिकट फ्री में दे रहे थे | उत्सुकतावश हमने भी अप्लाई कर दिया पर ये सोच की टिकट फुल हो गए तो हम अनलकी हो जायेंगे हमने साइट से टिकट खरीद लिया और बाद में मेरा लकी ड्रा भी निकला पर अब फायदा न था |कार्तिक ने हमे woocoomerce  के प्लगिन्स के बारे में बताया जिनके द्वारा हम बुकिंग ,कार्ट और डिलीवरी डेट जैसे फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं |

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स्वादिष्ट भोजन के बाद शरीर और पलकें भरी सी हो रही थी |

लेकिन एक जोरदार सेशन ने स्फूर्ति भर दी | सिद्धार्थ अशोक(https://twitter.com/siddharthashok ) का सेशन था जिसमे उन्होंने बताया की कैसे अपनी वेबसाइट की स्पीड बढ़ाई जा सकती है ,कैसे साइट का परफॉरमेंस सुधर सकते हैं | इमेज साइज कंप्रेस कर के , http2 का प्रयोग और जेटपैक प्लगइन का इस्तेमाल कुछ प्रमुख अंग थे. सिद्धार्थ ने बताया कैसे वेबसाइट की अच्छी स्पीड आपके SEO के लिए अच्छा है और यह आपकी साइट पे ट्रैफिक भी बढ़ाएगा |

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अपने बीच एक फिरंगी को देख आंखें गदगद हुई | सातवें स्पीकर सात समंदर पार के मारियस क्रिस्टी(@selu_1) थे | https://themeisle.com/  के CTO ने बताया कैसे हम travisCI का उपयोग कर मैन्युअल टेस्टिंग से बच सकते हैं और अपना ध्यान डेवलपमेंट में फोकस कर सकते हैं |

बाद में मेरी और मारियस की बात हुई कैसे उनकी थीम वर्डप्रेस के सभी वर्शन के साथ काम करती है |

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पहली नज़र में लगा हमारे बिच सनथ जयसूर्या आ गए हैं | हम बात कर रहे हैं अगले स्पीकर एलेग्जेंडर गौंडर (https://twitter.com/gounder )के बारे में | मुंबई से आया मेरा दोस्त|अलेक्स ने फिल्मी अंदाज़ में अपनी प्रेजेंटेशन दी जिसमे उन्होंने बताया  कैसे उन्होंने भारत में वर्डकैंप का आयोजन शुरू किया|इन कैम्प्स का मकसद क्या होता है | https://www.inkmyweb.com/    में अपने क्लाइंट्स को वर्डप्रेस की सर्विस देने क साथ ही अलेक्सेंडर अलेक्सेंडर ने पहला वर्डकेम्प ओर्गनइजे किया जो की इंडिविजुअल स्पांसर का ना होकर लोकल मीटअप ग्रुप द्वारा आयोजित किया गया था |

चाय का समय हो गया और मेरी एलेग्जेंडर से बात हुई कैसे वो कम्युनिटी बनाते हैं और कैसे हम भी दूसरे शहरों में कम्युनिटी बना सकते हैं |

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चाय की चुस्की के बिच ही मुलाकात हुई https://wbcomdesigns.com/  के सुधीर से जिन्होंने “चाय पे चर्चा” कैम्पैग्न की बारीकियां बतायीं और हम भी चाय के साथ चर्चा का आनंद लेते रहे .

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फिर से बड़ा मंच सज चूका था पर इस बार जो स्पीकर थे सुयोग्य शुक्ला (https://twitter.com/suyogyashukla ) छोटे से 18 वर्ष के और यह जानकर और भी हैरानी हुई की वो 13 साल से ही वर्डप्रेस पर काम कर रहे हैं और अभी https://themeisle.com/  सपोर्ट में कार्यरत हैं |सुयोग्य ने बताया क्यों कस्टमर सपोर्ट में रटे रटाये जवाब की जगह व्यक्तिगत तरीके से समस्या का समाधान देना चाहिए | रिकार्डेड आंसर देने हैं तो वो मशीन और रोबोट भी दे सकते हैं | बाद में हमारी बात हुई ऑटोमेशन या ह्यूमन सपोर्ट क्या बेहतर विकल्प होगा निकट भविष्य में |

suyog shukla digital gaurav

चौपाल लगाई गयी और सरपंच आकर विराजे | हरदीप असरानी(https://twitter.com/hardeepasrani ), एलेग्जेंडर गौंडर ,बिगुल मालयी(https://twitter.com/mbigul ),राहुल बंसल और अंकित के गुप्ता (https://twitter.com/ankitguptaindia ) |

 

ग्रुप डिस्कशन का विषय था क्या वर्डप्रेस को भारतीय भाषाओँ में अनुवादित करने की जरुरत हैं ?

सर्वश्रेष्ट तर्क था की डेवलपमेंट, कोडिंग डिजाइनिंग सब तो इंग्लिश में होता हैं फिर ट्रांसलेशन की क्या आवश्यकता ?

और सर्वश्रेष्ट वितर्क था की आप शायद अंग्रेजी में माहिर हों पर जो आपका क्लाइंट हैं भारत में वो हिंदी में अधिक सहज महसूस करेगा |

सर्व सम्मत हुवे की भारतीय भाषाओँ में वर्डप्रेस उपलब्ध होना चाहिए और polyglots के बारे में बताया गया |

अंतिम में बारी आयी रोहित मोटवानी की |रोहित देहरादून के कॉलेज स्टूडेंट हैं और थीम रिव्यु ,प्लग्गिन डेवेलोप करते हैं रोहित ने अपील करी की हम सब को वर्डप्रेस को वापस कुछ देना चाहिए और कई तरीके बताये | वर्डप्रेस कम्युनिटी में कम्युनिटी मेंबर्स द्वारा कम्युनिटी को वापस देकर इसको और भी सशक्त किया जा सकता हैं | इन्ही शब्दों क साथ सब का धन्यवाद् हुवा |

हम भी नयी उम्नग के साथ बहार निकले और चल पड़े यात्रा के अगले पड़ाव पर. ये तो शुभारम्भ हैं|

जल्द ही मिलते हैं वर्डकेम्प दिल्ली में |

दिल्ली वर्ड कैंप की टिकट यहाँ उपलब्ध है | https://2017.delhi.wordcamp.org/

जय वर्डप्रेस !

गौरव श्रीवास्तव(https://twitter.com/digitalgauravdm )

नोट : ( ) में सम्बंधित व्यक्ति का ट्विटर हैंडल दिया हैं | आप भी अपने पसंद के व्यक्ति से जुड़ सकते हैं !

 

 

 

 

 

7 thoughts on “वर्डप्रेस कानपुर ! 100+ माइंडस !10 स्पीकर्स !1 मोटिव – मेक वर्डप्रेस बेटर”

    1. जय वर्डप्रेस! धन्यवाद् आपका |
      जीवंत आयोजन का जीवंत वर्णन ही होना चाहिए | ख़ुशी हुई की आपको लेख पसंद आया |

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