Android Hindi

क्या है एंड्राइड?

गूगल ज्ञान सीरीज में हम आज सबसे पहले बात करेंगे एंड्राइड की ।

क्या है एंड्राइड?

एंड्राइड मोबाइल फ़ोन्स,टेबलेट्स और आने वाले बहुत से उपकरण जो की कंप्यूटिंग से रिलेटेड होते है ,जैसे की स्मार्ट वाच, कार एक्सेसरीज,स्मार्ट टीवी, इत्यादि , का बेसिक सॉफ्टवेयर होता है ।

यह २०१३ में लांच हुवा था और अब यह दुनिया का सबसे पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम है ।

एंड्राइड एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर है जिसे गूगल अत्यधिक प्रयोग करता है । (गूगल इसका मालिक नहीं है)

गूगल एंड्राइड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट की मदद से अपना एंड्राइड वर्शन तैयार करता है , जो की बाद में दूसरे मैनुफैक्चरर भी प्रयोग करते हैं ।

ऑपरेटिंग सिस्टम के तौर पर एंड्राइड का काम आपके और आपके डिवाइस के बिच ट्रांसलेटर का होता है ।

जब आप एक फोटो लेते हो ,तो एंड्राइड आपको वो बटन देता है और आपके फ़ोन को बताता है की क्या करना है ।जब आप कोई कॉल करते हो ,या रिसीव करते हो तो एंड्राइड आपके फ़ोन को बताता है की क्या करना है ।जब आप गेम खेलते हो तो एंड्राइड फ़ोन को बताता है की आप किस तरफ जा रहे हो कौन सी बटन दबा रहे हो  यह ठीक विंडोज की तरह होता है,लेकिन मोबाइल के लिए ।

एंड्राइड सॉफ्टवेयर को गूगल के साथ मिल कर डेवेलप किया गया है और गूगल ही इसके मेजर अपडेट्स हर साल लाता है ।

जो मोबाइल कम्पनीज अपने हैंडसेट में एंड्राइड का प्रयोग करती है उनमे से प्रमुख्य है सैमसंग,हवाई सोनी,लेनोवो ,एचटीसी,एलजी और बहुत सी ।इस समय एंड्राइड एक बिलियन से अधिक डिवाइस पर यूज़ हो रहा है ।

एंड्राइड का मैस्कॉट है -ग्रीन रोबोट ।आप सब ने उसको देखा होगा ।

एंड्राइड कहाँ से आया ?

यह असल में आया गूगल से ,गूगल ने एंड्राइड को 2005 में खरीद लिया (नहीं,गूगल ने इसको बनाया नहीं है )। सर्च इंजन का जायंट इसके अपडेट्स रेगुलरली निकलता रहता है ।और साल में एक बार मेजर अपडेट भी निकलता है ।

यह ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर लिनक्स कर्नेल पर आधारित है ।यदि आप या आपके दोस्त IT में काम करते होंगे तो आपने सुना ही होगा ।

यह लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित स्ट्रक्चर है , जो की यूनिक्स टाइप सिस्टम है।( एक पोर्टेबल ,मल्टी टास्किंग मल्टी यूजर सिस्टम)।

लिनक्स कर्नेल फ्री सॉफ्टवर्स का बहुत ही उम्दा उदहारण है ।

 

एंड्राइड और आईफोन में क्या अंतर है ?

अंतर एंड्राइड और आईफोन में नहीं लेकिन एंड्राइड और आईओएस में होता है ।

आईओएस ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर है जिससे की आईफोन डिवाइस चलते हैं ।

एंड्राइड और आईओएस इनस्टॉल किये वाले डिवाइस लगभग हर काम एक सा करते हैं ।दोनों ही फोटो ले सकते हैं, मैसेज सेंड कर सकते हैं, कॉल कर सकते हैं,वाई-फाई से कनेक्ट हो सकते है और ऐप रन कर सकते हैं ।लेकिन एंड्राइड और आईओएस के लुक ,फील और उनकी पॉसिबिलिटीज में काफी अंतर हैं ।

एंड्राइड हर फ़ोन में अलग सा क्यों दीखता है ?

एंड्राइड हर फ़ोन में डिफरेंट नहीं होता ,लेकिन यह एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है इसलिए हर कंपनी इसको अपने हिसाब से मॉडिफाई कर के इसके कई वर्शन बना देती है ।

एंड्राइड के सबसे शुद्ध वर्शन को ‘स्टॉक एंड्राइड’ कहते हैं. दूसरे वर्शन हैं सैमसंग टचविज़ ,सोनी क्सपेरिअ और हवाई का इमोशन ।

एंड्राइड और कैंडी का क्या नाता है ?

हर एंड्राइड वर्शन का नाम नेक्स्ट लेटर के कैंडी से होता है ।इनमे सबसे लेटेस्ट है ओरिओ और सबसे पहले था हनीकांब।अब तक के सभी एंड्राइड का विवरण है :-

  • एंड्राइड ३.० -हनीकांब
  • एंड्राइड ४.०- आइस क्रीम सैंडविच
  • एंड्राइड ४.१ -जेली बीन
  • एंड्राइड ४.४-किटकैट
  • एंड्राइड ५.०-लॉलीपॉप
  • एंड्राइड ६.० -मार्श मैलो
  • एंड्राइड ७.०-नौगठ
  • एंड्राइड ८.० -ओरिओ

एंड्राइड के विषय में सबसे अच्छा क्या है ?

यही की यह ओपन सोर्स है ।एंड्राइड के साथ आपको सैकड़ो ऑप्शन मिल जायेंगे -सस्ते फ़ोन, महंगे फ़ोन और एक इनोवेटिव मार्केट ।एंड्राइड को अपने अनुरूप चेंज किया जा सकते है उसके फंक्शन्स के लिए और दिखावट में भी चेंज कर सकते हैं ।

एंड्राइड के विषय में क्या सबसे बुरा है ?

यही की यह ओपन सोर्स है । और ओपन सोर्स होने की वजह से इसके अपडेट्स के लिए कोई जिम्मेदार नहीं होता ।हैंडसेट बनाने वाली कंपनी कभी भी आपको इसके अपडेट देने के लिए नहीं सोचती ।और अगर कभी वो देती भी है तो काफी समय ले लेती हैं ।लेकिन इसका एक तोड़ है आप अपडेट्स को डाउनलोड कर के फिर स्वयं से इनस्टॉल कर सकते हो ।

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